कभी तो मिल पहली मुलाकात की तरह,
बिगड़ा ही रहता है क्यों हालात की तरह|
वो एक शख्स जो लगे जान से भी प्यारा,
वक्त तो देता है मगर खैरात की तरह||

आंसू आ जाते हैं रोने से पहले,
ख्वाब टूट जाते हैं सोने से पहले|
लोग कहते हैं मोहब्बत गुनाह है,
काश कोई रोक लेता यह गुनाह करने से पहले||

शायद इस कफन में कुछ ज्यादा ही सुख होता है,
जो सोता है वह इसमें कभी उठकर वापस नहीं आया||

किसी को चाहो तो इतना चाहो,
कि किसी और को चाहने की चाहत ना रहे||\

वो खुश है पर शायद मुझसे नहीं,
वो नाराज है पर शायद मुझसे नहीं|
कौन कहता है कि उनके दिल में मोहब्बत नहीं,
मोहब्बत तो है पर शायद मुझसे नहीं||

कब किसका साथ साथ निभाते हैं लोग,
हवाओं की तरह बदल जाते हैं लोग।
वो जमाना और था जब लोग रोते थे गैरों के लिए,
अब तो अपनों को भी रूला कर मुस्कुराते हैं लोग।।

तेरी आहट, तेरा नाम, तेरा एहसास पाके,
अब कदम भी रुक जाते हैं।
तेरी याद में, तेरे इंतजार में,
अब भी हम खोए जाते हैं ।
तुझसे ना मिलने की कसमें,
तुझसे ना मिलने के वादे ,
अक्सर मौका मिलते ही
टूट जाते हैं,
जानते हैं हम!
तुम ना आओगे,
ना मिलना चाहोगे,
फिर भी तुम्हें चाहे चले जाते हैं।।

रात सुबह का इंतजार नहीं करती
खुशबु मौसम का इंतजार नहीं करती
जो भी खुशी मिले उसका आनंद लिया करो
क्योंकि जिंदगी वक्त का इंतजार नहीं करती||

दीप मन का हर तरफ जलता नहीं
दिल ये हर किसी पर मचलता नहीं
यूं तो समुंदर भी टकराता है लहरों से
अधूरी प्यास से जी ये भरता नहीं||