Posted on: April 21, 2020 Posted by: Niharika Garg Comments: 0
दोहे (छंद),www.theeleganceart.com

            हिन्दी दिवस www.theeleganceart.com हिन्दी दिवस

हिंदी है दिलों का द्वार
छिपे हैं अनेकों सार
सबके मनों को देखो यह हर्षाती है|

स्वर व्यंजनों का मेल
सरल नहीं है खेल
दुनिया में देखो कैसा नाम कमाती है|

जुबां पर हो कोई बोली
हिंदी दिलों की बोली
भारत वासियों से संदेशा यही पाती है|

हिंदी ना जाने जात पात
ना कोई मजहब भेदभाव
हिंदुस्तान की भाषा हिंदी कहाती है|

उसकी ना किसी से यारी
सारे देशों से है न्यारी
आने जाने वालों को नया गीत सुनाती है|

मंद मंद पवन बहे
एक नया राग कहे
जबाने हिंदी खूब सब को रिझाती है|

जान लुटा देंगे हम
हिंद ए वतन के लिए
हिंदी जगत में उच्च स्थान पाती है।।

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